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Xi Jinping का अमेरिका को संदेश: ‘मुकाबला करें, कुश्ती नहीं’, चीन के बढ़ते प्रभाव पर क्या बोले?
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों बड़ी शक्तियां हैं और दोनों देशों के हित एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सहयोग को बढ़ाने और मतभेदों के बीच संवाद जारी रखने की जरूरत बताई।
अपने संबोधन में शी ने कहा कि दोनों देशों को प्रतिस्पर्धा से बचने की जरूरत नहीं है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा स्वस्थ होनी चाहिए। उन्होंने इसे ऐसी दौड़ बताया जिसमें दोनों देश एक-दूसरे से आगे बढ़ने की कोशिश करें, न कि ऐसी कुश्ती जिसमें एक की जीत और दूसरे की हार हो।
शी का यह बयान अमेरिका में चीन के बढ़ते आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक प्रभाव को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा के बीच आया है। दोनों देशों के बीच व्यापार, अत्याधुनिक तकनीक, AI, ताइवान और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं। AI के क्षेत्र में भी दोनों देश प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी संवाद की संभावनाएं तलाश रहे हैं।
शी ने अमेरिका और चीन से संघर्ष तथा टकराव से बचने की अपील करते हुए दोनों देशों की सेनाओं के बीच नियमित संवाद और संकट के समय संचार व्यवस्था मजबूत करने की बात कही। उन्होंने Thucydides Trap का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे दूर किया जा सकता है।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने शी के साथ अपने संबंधों को “truly great friendship” बताया। दोनों नेताओं की बैठक में व्यापार, AI और व्यापक चीन-अमेरिका रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।