बेल्जियम से समुद्री रास्ते के जरिए ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पहुंचा करीब 200 टन वजनी विशाल वेसल अब सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी पहुंचाया जा रहा है। इस भारी-भरकम उपकरण को ले जाने के लिए 308 पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर का इस्तेमाल किया गया है। यह वेसल कुंभी स्थित बलरामपुर चीनी मिल की यूनिट में प्रस्तावित औद्योगिक प्लांट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
भारी वजन और विशाल आकार के कारण ट्रक की रफ्तार बेहद कम है और इसे एक घंटे में करीब पांच किलोमीटर की दूरी तय करने में भी समय लग रहा है। रास्ते में बिजली के खंभे, होर्डिंग, प्रवेश द्वार और फुट ओवरब्रिज जैसे अवरोधों को हटाने या ऊंचा करने के लिए प्रशासन और विशेषज्ञों की टीमें तैनात हैं। इसके साथ क्रेन और अन्य ट्रेलर भी चल रहे हैं।
इस वेसल का इस्तेमाल चीनी मिल और एथेनॉल से जुड़ी औद्योगिक प्रक्रिया में किया जाना है। वहीं, कुंभी यूनिट में गन्ने से पर्यावरण-अनुकूल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक बनाने के लिए प्लांट स्थापित करने की भी जानकारी सामने आई है।