Baykar K2 ड्रोन: पाकिस्तान के 2000Km ड्रोन से भारत को कितना खतरा?
Baykar K2 एक लंबी दूरी वाला one-way attack UAV है, जिसे तुर्की की कंपनी Baykar ने विकसित किया है। कंपनी के अनुसार इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 800 किलोग्राम है और यह 200 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। इसकी ऑपरेशनल रेंज 2,000 किलोमीटर से अधिक और endurance 13 घंटे से ज्यादा बताई गई है।
K2 की एक प्रमुख विशेषता इसकी स्वार्म क्षमता है। Baykar ने 2026 में K2 के कई ड्रोन को स्वायत्त फॉर्मेशन में उड़ाने के परीक्षण किए हैं। कंपनी ने यह भी बताया है कि K2 इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और GNSS-denied वातावरण में AI आधारित विजुअल नेविगेशन का इस्तेमाल कर सकता है।
पाकिस्तान द्वारा K2 को शामिल किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में इसकी सटीक संख्या और तैनाती का विवरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए पाकिस्तान की वास्तविक परिचालन क्षमता का आकलन केवल उपलब्ध तकनीकी विशेषताओं के आधार पर करना उचित नहीं होगा।
भारत के संदर्भ में इसकी लंबी दूरी, भारी पेलोड और स्वार्म क्षमता इसे एयर डिफेंस के लिए एक ऐसी चुनौती बनाती है जिस पर सैन्य विश्लेषकों की नजर है। हालांकि किसी ड्रोन का वास्तविक प्रभाव उसके संचालन, संख्या, मार्ग, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध की परिस्थितियों और सामने मौजूद बहुस्तरीय एयर डिफेंस सिस्टम पर निर्भर करता है। इसलिए केवल 2,000 किलोमीटर की रेंज के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि K2 भारतीय एयर डिफेंस को भेद ही पाएगा।



