कॉर्नेल गैंगरेप केस: शुरुआती बयान से क्यों उलझा मामला?

मामला अक्टूबर 2024 में कॉर्नेल के Chi Phi फ्रैटरनिटी हाउस में हुई कथित घटना से जुड़ा है। छात्रा ने बाद में दायर सिविल शिकायत में आरोप लगाया कि उसे नशीले पदार्थ और शराब लेने के लिए मजबूर किया गया तथा सात लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। दूसरी ओर, अभियोजक के अनुसार नवंबर 2024 में दिए गए उसके शुरुआती बयान में यौन गतिविधियों और ड्रग्स के इस्तेमाल को स्वैच्छिक और सहमति से बताया गया था। हालांकि, सामने आए पुलिस इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट में छात्रा ने बाद की घटनाओं के बारे में यह भी कहा था कि उसके साथ बलात्कार हुआ।
टॉम्पकिंस काउंटी के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी ने कहा कि शुरुआती बयान के आधार पर 2024 में आपराधिक आरोप नहीं लगाए गए थे। अब नई सिविल शिकायत और सामने आई अतिरिक्त सामग्री के बाद अभियोजकों ने जांच फिर खोलने और मामले को ग्रैंड ज्यूरी के सामने रखने की प्रक्रिया शुरू की है।
इस मामले में शुरुआती बयान को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं। अभियोजक के अनुसार हस्ताक्षरित बयान में छात्रा ने अपनी ओर से शराब और ड्रग्स के इस्तेमाल तथा शुरुआती यौन गतिविधि को सहमति से जुड़ा बताया था। वहीं CBS News New York द्वारा प्राप्त इंटरव्यू ट्रांसक्रिप्ट में छात्रा ने बाद की घटनाओं को अलग बताते हुए कहा कि वह उस हिस्से के बारे में पूरी तरह आश्वस्त थी कि उसके साथ बलात्कार हुआ।
मामले में कॉर्नेल यूनिवर्सिटी ने कहा है कि उसने 2024 में अपनी आंतरिक जांच की थी और कुछ छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। Chi Phi का कैंपस चैप्टर भी विश्वविद्यालय परिसर से प्रतिबंधित है। अब आपराधिक जांच दोबारा शुरू होने के बाद मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जा रही है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी मामले में आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है। अभियोजन पक्ष अब ग्रैंड ज्यूरी के समक्ष साक्ष्य रखने की तैयारी कर रहा है, इसलिए आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही यह स्पष्ट होगा कि आपराधिक आरोप लगाए जाते हैं या नहीं।



