‘वक्फ बोर्ड के आदेश पर राजस्व रिकॉर्ड में नहीं बदलेगा नाम’, इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि वक्फ बोर्ड के आदेश मात्र के आधार पर राजस्व अभिलेख में किसी व्यक्ति का नाम नहीं बदला जा सकता। कोर्ट ने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण के लिए उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।
मामले में याचिकाकर्ता ने वक्फ बोर्ड के एक आदेश के आधार पर जिलाधिकारी को राजस्व अभिलेख में नाम बदलने का निर्देश देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि वक्फ अधिनियम के तहत बोर्ड को जिलाधिकारी को निर्देश देने का अधिकार है।
कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। पीठ ने कहा कि वक्फ बोर्ड वक्फ रजिस्टर में बदलाव कर सकता है, लेकिन राजस्व अभिलेख में नामांतरण की प्रक्रिया अलग है। इसके लिए संबंधित राजस्व अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिलाधिकारी वक्फ बोर्ड के निर्देश के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने के लिए बाध्य नहीं है। नामांतरण से जुड़े दावे और आपत्तियों पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम राजस्व अधिकारी फैसला करेगा।



