फ्रांस में स्कूलों की बदहाली पर छात्रों का प्रदर्शन, आगजनी और पुलिस से झड़प

फ्रांस में हाईस्कूल छात्रों का विरोध प्रदर्शन सितंबर में पेरिस क्षेत्र से शुरू हुआ था और अब देश के कई हिस्सों में फैल चुका है। छात्रों की प्रमुख शिकायतों में शिक्षकों की कमी, अत्यधिक भीड़ वाली कक्षाएं, लंबे स्कूल घंटे और स्कूल भवनों की खराब स्थिति शामिल हैं।
शुक्रवार को पेरिस, स्ट्रासबर्ग, मार्सेई, रेन्न, ब्रेस्ट और अन्य शहरों में प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ गया। कुछ जगह कूड़ेदानों और स्कूलों के प्रवेश द्वारों पर आग लगाई गई, जबकि पुलिस पर वस्तुएं फेंके जाने के बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और अन्य उपायों का इस्तेमाल किया।
फ्रांस के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश के करीब 3,700 हाईस्कूलों में से सैकड़ों स्कूलों में प्रदर्शन या पढ़ाई में व्यवधान दर्ज किया गया। छात्रों का कहना है कि कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक और अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं है। कुछ छात्रों ने गर्म कक्षाओं और खराब भवनों की भी शिकायत की है।
प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की घटनाएं भी सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई पुलिसकर्मी, छात्र और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी घायल हुए हैं। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगाए हैं, जिनकी जांच भी की जा रही है।
सरकार ने छात्रों की शिकायतों को उठाने के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की आलोचना की है। इस बीच छात्र संगठनों और यूनियनों ने शिक्षा व्यवस्था में संसाधन बढ़ाने तथा शिक्षकों की कमी दूर करने की मांग को लेकर आगे भी प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।



