
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आरक्षण हटाओ आंदोलन के बाद इस मुद्दे पर सरकार और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच संवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं बीजेपी के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यह बैठक नड्डा के आवास पर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हुई।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रतिनिधियों के साथ सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर बातचीत का सिलसिला आगे जारी रहेगा और जल्द ही प्रतिनिधियों से दोबारा मुलाकात होगी।
दरअसल, 21 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और जातिगत आरक्षण को लेकर प्रदर्शन किया गया था। आंदोलन से जुड़े लोगों ने आरक्षण नीति पर अपनी आपत्तियां और मांगें सामने रखी थीं। प्रदर्शन के दौरान आर्थिक आधार पर आरक्षण समेत विभिन्न मुद्दों को उठाया गया था।
नड्डा के साथ हुई बैठक को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार और आंदोलन के प्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की शुरुआत का संकेत देती है। हालांकि, बैठक के बाद किसी आरक्षण नीति में बदलाव या किसी बड़े सरकारी फैसले की घोषणा नहीं की गई है।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी आरक्षण सुधार आंदोलन से जुड़े छात्रों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। उन्होंने उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने और केंद्र सरकार तक उनकी बात पहुंचाने का भरोसा दिया था।
अब आंदोलन के प्रतिनिधियों की अगली बैठक पर नजर रहेगी। आने वाली बातचीत में आरक्षण व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और आंदोलनकारियों की अन्य मांगों को लेकर अधिक स्पष्ट चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल सरकार की ओर से किसी नीतिगत बदलाव का ऐलान नहीं हुआ है।
कुल मिलाकर, जंतर-मंतर के आरक्षण आंदोलन के बाद जेपी नड्डा की प्रतिनिधियों से मुलाकात ने इस मुद्दे पर संवाद का रास्ता खोल दिया है। नड्डा ने जल्द दोबारा बैठक का संकेत दिया है, जिससे आगे की बातचीत को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।



