UP के दिव्यांगजन होंगे ‘स्मार्ट’, योगी सरकार दे रही स्मार्टफोन-टैबलेट समेत ₹15 हजार तक के उपकरण

उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और डिजिटल सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने के लिए योगी सरकार ने सहायक उपकरण योजना को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। स्मार्टफोन, टैबलेट, स्मार्ट केन और डेजी प्लेयर जैसे डिजिटल उपकरण अब जरूरत के अनुसार पात्र दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का जोर शिक्षा, रोजगार और सरकारी डिजिटल सेवाओं तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने पर है।
15 हजार रुपये तक के उपकरण मुफ्त
कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹15,000 तक की लागत वाले सहायक उपकरण निशुल्क दिए जाते हैं। उपकरण का चुनाव लाभार्थी की दिव्यांगता और चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर किया जाता है।
इसमें जरूरत के मुताबिक स्मार्टफोन और टैबलेट के अलावा ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, वॉकर, रोटेटर, बैसाखी, श्रवण यंत्र, ब्रेल किट, स्मार्ट केन और डेजी प्लेयर जैसे उपकरण भी शामिल हैं।
34,420 दिव्यांगजनों को मिल चुके उपकरण
रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 34,420 पात्र दिव्यांगजनों को विभिन्न कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं। लाभार्थी की शारीरिक जरूरत और चिकित्सकीय संस्तुति के आधार पर उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं।
दृष्टिबाधित लोगों के लिए ब्रेल किट और स्मार्ट केन जैसे उपकरण उपयोगी हैं, जबकि गतिबाधित लाभार्थियों को व्हीलचेयर, ट्राईसाइकिल और अन्य सहायक साधन उपलब्ध कराए जाते हैं।
स्मार्टफोन और टैबलेट से क्या फायदा?
स्मार्टफोन और टैबलेट मिलने से दिव्यांग छात्रों और युवाओं को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल संचार, सरकारी योजनाओं की जानकारी और रोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य केवल उपकरण देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को शिक्षा और रोजगार के जरिए अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
रिपोर्ट के मुताबिक योजना के लिए आवेदक का कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग होना जरूरी है। साथ ही संबंधित उपकरण की जरूरत के लिए चिकित्सकीय संस्तुति भी आवश्यक है। ग्रामीण लाभार्थियों के लिए वार्षिक पारिवारिक आय सीमा ₹46,080, जबकि शहरी क्षेत्रों के लिए ₹56,460 बताई गई है।
इसके अलावा सामान्यतः आवेदक को पिछले तीन वर्षों में उसी प्रकार के उपकरण का लाभ नहीं मिला होना चाहिए। नियमित विद्यार्थियों के लिए यह अवधि एक वर्ष बताई गई है।
आवेदन में किन दस्तावेजों की जरूरत?
आवेदन के दौरान दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो और चिकित्सकीय संस्तुति समेत जरूरी दस्तावेज मांगे जाते हैं। विभाग ने लाभार्थियों के चिन्हांकन से लेकर उपकरण वितरण तक की प्रक्रिया को ऑनलाइन करने पर जोर दिया है।
डिजिटल सशक्तीकरण पर जोर
योगी सरकार की इस पहल का लक्ष्य दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ना है। स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे उपकरण इस दिशा में खास तौर पर दिव्यांग युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, यूपी की सहायक उपकरण योजना अब पारंपरिक व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल से आगे बढ़कर डिजिटल जरूरतों को भी कवर कर रही है। पात्र दिव्यांगजन अपनी जरूरत के अनुसार ₹15,000 तक के सहायक उपकरण मुफ्त प्राप्त कर सकते हैं।



