400 साल पुराना है नाम, ट्रंप के Lake America प्रस्ताव को कनाडा ने ठुकराया

अमेरिका और कनाडा के बीच लेक ओंटारियो के नाम को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने झील का नाम बदलकर ‘Lake America’ करने का आदेश दिया है, लेकिन कनाडा ने इसे स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि कनाडा में इस झील को ‘Lake Ontario’ ही कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नाम लंबे समय से चला आ रहा है और कनाडाई इसे अतीत, वर्तमान और भविष्य में इसी नाम से पुकारते रहेंगे।
मार्क कार्नी ने लेक ओंटारियो के नाम के ऐतिहासिक महत्व पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक यह नाम 400 साल से अधिक पुराना है और कनाडा के परिसंघ बनने तथा अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा से भी पहले से इस्तेमाल होता रहा है।
लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच ग्रेट लेक्स में से एक है। इसका नाम स्वदेशी वेंडैट भाषा से जुड़ा माना जाता है। इसलिए कनाडा में इसे केवल भौगोलिक नाम नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के हिस्से के रूप में भी देखा जाता है।
ट्रंप के आदेश के तहत अमेरिका अपने आधिकारिक भौगोलिक नामकरण तंत्र में ‘Lake America’ नाम का इस्तेमाल कर सकता है। हालांकि अमेरिका द्वारा किया गया यह बदलाव कनाडा पर बाध्यकारी नहीं है और कनाडा ने पुराने नाम को बनाए रखने की बात कही है।
लेक ओंटारियो का नाम बदलने का मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्तों में भी तनाव बढ़ा हुआ है। दोनों देशों के बीच टैरिफ और व्यापार नीति को लेकर मतभेद जारी हैं, जिससे इस नाम विवाद को भी व्यापक राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
कनाडा के रुख से साफ है कि वह अमेरिकी आदेश को अपने यहां लागू नहीं करेगा। प्रधानमंत्री कार्नी ने ऐतिहासिक नाम और कनाडाई पहचान का हवाला देते हुए अपने देश की स्थिति स्पष्ट कर दी है। इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रहे तनाव में एक और विवाद जुड़ गया है।



