ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण | परसिया, हा हा नाला और धरमपुर पहुंचे

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने हाल ही में बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परसिया, हा हा नाला और धरमपुर बिंदटोलिया गांवों का दौरा कर वहां की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और प्रभावित लोगों से सीधे संवाद किया।
प्रदेश के कई जिलों में हाल के दिनों में भारी वर्षा के कारण जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। गंडक और सरयू जैसी प्रमुख नदियों में जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच चुका है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऊर्जा मंत्री ने मौके पर पहुंचकर न केवल प्रशासनिक अधिकारियों से रिपोर्ट ली, बल्कि ग्रामीणों से भी बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा।
निरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में कोई लापरवाही न हो और जलभराव वाले इलाकों में नाव, राहत सामग्री, दवाइयों और पेयजल की तत्काल व्यवस्था की जाए। साथ ही, उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया।
परसिया और हा हा नाला क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों ने बताया कि जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और खेतों में पानी भरने लगा है, जिससे फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। वहीं, धरमपुर बिंदटोलिया में कई घरों में पानी घुस चुका है और लोग ऊँचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। मंत्री ने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव मदद करेगी और हालात सामान्य होने तक राहत शिविरों की स्थापना की जाएगी।
श्री ए. के. शर्मा ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बने तटबंधों की स्थिति का भी जायजा लिया और अधिकारियों से उनकी मजबूती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी अधिकारी अपने कर्तव्यों में कोताही नहीं बरतेगा।”
यह निरीक्षण न केवल सरकार की सक्रियता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार संभावित आपदा से पहले ही आवश्यक कदम उठाकर जनहित में तत्परता से काम कर रही है।



