योगी बोले- भाषा और जाति से बांटने वालों को भगाएं, मोदी के विजन से यूपी बनेगा विकसित

लखनऊ में आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषा, जाति और क्षेत्र के नाम पर लोगों को बांटने वालों को प्रदेश से भगाना होगा, क्योंकि ऐसे लोग न केवल समाज की एकता को तोड़ते हैं बल्कि विकास की गति को भी रोकते हैं। योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को उत्तर प्रदेश की तरक्की का मार्गदर्शन बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में यूपी को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इसके लिए उत्तर प्रदेश को अग्रणी भूमिका निभानी होगी। योगी ने कहा कि बीते सात वर्षों में यूपी ने कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर और औद्योगिक निवेश ने प्रदेश की तस्वीर बदली है।
लखनऊ में आयोजित यह तिरंगा यात्रा करीब 2 किलोमीटर लंबी थी, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और देशभक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुंचाना था। युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में लहराता तिरंगा, देशभक्ति गीत और नारे पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर रहे थे।
योगी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग जातिवाद और भाषावाद के नाम पर राजनीति करते हैं, वे सिर्फ अपने हित साधते हैं, जनता के नहीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विकास, रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता देने वाली सरकारों को ही समर्थन दें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ ही उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
इस अवसर पर योगी ने युवाओं से विशेष रूप से कहा कि वे अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं, तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ें और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार हर जिले में विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए कटिबद्ध है।
तिरंगा यात्रा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया। योगी आदित्यनाथ के संदेश ने साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश का भविष्य जातिवाद या भाषावाद में नहीं, बल्कि एकजुट होकर विकास की ओर बढ़ने में है।



