योगी की तारीफ करने पर सपा विधायक पूजा पाल बर्खास्त, अतीक पर दिए बयान से मचा सियासी तूफान

उत्तर प्रदेश की सियासत में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्तगी की वजह थी उनका यूपी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ करना और माफिया अतीक अहमद के खिलाफ कड़ा बयान देना। पूजा पाल ने सदन में बोलते हुए कहा कि “योगी जी ने अतीक को मिट्टी में मिला दिया, जिसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं।” यह बयान न केवल विपक्ष के लिए असहज था, बल्कि सपा नेतृत्व के लिए भी अप्रत्याशित साबित हुआ।
पूजा पाल का बयान आते ही सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि एक सपा विधायक खुले मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा कैसे कर सकती हैं। खास बात यह है कि पूजा पाल के पति और देवर की हत्या के मामले में अतीक अहमद का नाम आया था। इस व्यक्तिगत पृष्ठभूमि के कारण उन्होंने योगी सरकार की कानून व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहनी चाहिए।
पूजा पाल के बयान के लगभग 8 घंटे बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से उनकी पार्टी सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। सपा का कहना है कि पार्टी अनुशासन के खिलाफ जाकर सार्वजनिक मंच पर विपक्ष की प्रशंसा करना किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधायक को पहले भी कई बार विवादित बयानों के लिए चेतावनी दी गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने यूपी की सियासत में नया मोड़ ला दिया है। भाजपा नेताओं ने पूजा पाल के बयान को सच्चाई की जीत बताते हुए सपा के भीतर के मतभेदों को उजागर करने का प्रयास किया। वहीं, सपा समर्थकों का कहना है कि किसी भी विधायक को पार्टी लाइन से बाहर जाकर इस तरह बयान देने से बचना चाहिए था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सपा में अनुशासन और आंतरिक असहमति के बीच संतुलन बनाने की चुनौती को उजागर करती है। साथ ही, यह भी साफ हो गया कि योगी सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का असर विपक्षी खेमे के कुछ नेताओं पर भी पड़ा है।
पूजा पाल की बर्खास्तगी के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगी या फिर निर्दलीय राजनीति का रास्ता अपनाएंगी। फिलहाल, इस घटना ने न केवल यूपी विधानसभा बल्कि पूरे राज्य की सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।



