गोरखपुर जन्माष्टमी उत्सव: रवि किशन का नृत्य, सीएम योगी ने मोर को खिलाया केला

गोरखपुर में इस वर्ष जन्माष्टमी का उत्सव बेहद भव्य तरीके से मनाया गया। शहर के प्रमुख मंदिरों और स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और हर कोई भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की झांकी व भजन कीर्तन में शामिल होकर आनंदित हुआ। इस खास मौके पर गोरखपुर सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन ने भी अपनी उपस्थिति से समारोह की रौनक को दोगुना कर दिया। वे मंच पर पहुंचे और कान्हा के भजनों की धुन पर जमकर नाचे। मंच पर उनके उत्साह को देखकर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। दर्शकों ने उनके नृत्य का खूब आनंद लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए। वे पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से कार्यक्रम में बैठे रहे और जब रवि किशन नृत्य कर रहे थे, तब सीएम योगी ताली बजाकर उनका उत्साहवर्धन करते रहे। इस दौरान उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ झलक रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न सिर्फ़ आयोजन में सम्मिलित हुए बल्कि उन्होंने एक विशेष क्षण भी साझा किया जब उन्होंने मोर को केला खिलाया। यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए बेहद आकर्षक और यादगार रहा। मोर को केला खिलाने का यह भावनात्मक पल जन्माष्टमी के उत्सव को और भी खास बना गया।
जन्माष्टमी पर पूरे गोरखपुर में धार्मिक अनुष्ठान, कीर्तन और झांकियों का आयोजन किया गया। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया गया था। भक्तों ने रात 12 बजे कान्हा के जन्मोत्सव के समय ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे भजनों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हर जगह श्रद्धालु व्रत, पूजा और भजन में लीन नजर आए।
गोरखनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख मंदिरों में विशेष आरती हुई। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक थी कि प्रशासन को सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम करने पड़े। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी भगवान श्रीकृष्ण की झांकी देखने के लिए उत्साहित रहे।
कार्यक्रम में रवि किशन का जोश और सीएम योगी का सहज भाव लोगों के दिलों को छू गया। दोनों के इस अंदाज ने उत्सव को और भी भव्य और यादगार बना दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों ने गोरखपुर की जन्माष्टमी को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।
कुल मिलाकर, इस बार गोरखपुर की जन्माष्टमी केवल धार्मिक आयोजन भर नहीं रही, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समन्वय का भी प्रतीक बनी। रवि किशन का नृत्य, सीएम योगी की ताली और मोर को खिलाए गए केले का दृश्य हमेशा श्रद्धालुओं की स्मृति में अंकित रहेगा। यह उत्सव गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की भक्ति और आस्था का सशक्त संदेश लेकर आया।



