युवाओं के कौशल विकास से आत्मनिर्भर भारत का निर्माण: मिशन निदेशक पुलकित खरे

भारत की युवा शक्ति विश्व में सबसे बड़ी है और यही शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत भी है। यदि इस युवा ऊर्जा को सही दिशा और उचित प्रशिक्षण मिले, तो भारत न केवल अपनी विकास यात्रा को तेज़ कर सकता है बल्कि आत्मनिर्भरता की राह पर भी अग्रसर हो सकता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा है कि युवाओं के कौशल विकास के माध्यम से ही आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है।
आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल (Practical Skills) का होना बेहद जरूरी हो गया है। केवल डिग्री लेकर नौकरी पाना अब आसान नहीं है। उद्योगों को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो प्रशिक्षित हों और अपने काम में दक्षता साबित कर सकें। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) और विभिन्न राज्य स्तरीय योजनाएँ लागू की हैं, जिनके माध्यम से युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुलकित खरे का मानना है कि यदि प्रत्येक युवा को उसके रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित किया जाए तो वह न केवल खुद के लिए रोजगार उत्पन्न कर सकता है बल्कि दूसरों को भी नौकरी दे सकता है। यही दृष्टिकोण आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की मूल भावना है। उदाहरण के तौर पर, आईटी, डिजिटल मार्केटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कृषि तकनीक और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
कौशल विकास के माध्यम से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं को अवसर मिल रहे हैं। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में युवा अब केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि हो रही है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है।
सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के परिणामस्वरूप लाखों युवाओं को अब तक प्रशिक्षित किया जा चुका है। इन युवाओं में से कई ने रोजगार हासिल किया है, तो कई ने खुद का व्यवसाय शुरू किया है। स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को भी कौशल विकास ने नई गति दी है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे अवसरों का पूरा लाभ उठाएँ और प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारें। उनका कहना है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश का हर युवा अपने कौशल पर गर्व करेगा और समाज में सकारात्मक योगदान देगा।
अंततः यह कहा जा सकता है कि युवाओं का कौशल विकास केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की सबसे सशक्त नींव है। जब युवा मजबूत और सक्षम होंगे तो भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम होगा।



