सहकारिता मंत्री जे०पी०एस० राठौर ने यूपी कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय में प्रेस वार्ता की | एम-पैक्स में क्यूआर कोड प्रणाली से भुगतान शुरू

उत्तर प्रदेश में सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री श्री जे०पी०एस० राठौर ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के मुख्यालय में प्रेस वार्ता की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की एम-पैक्स (मल्टी पर्पज एग्रीकल्चर सोसायटीज) में क्यूआर कोड प्रणाली के माध्यम से भुगतान की सुविधा का शुभारम्भ किया। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को नकद लेन-देन की जटिलताओं से मुक्त कर, उन्हें आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली से जोड़ना है। इसके माध्यम से किसान सीधे अपने स्मार्टफोन से क्यूआर कोड स्कैन कर आवश्यक उर्वरक एवं कृषि सामग्री का भुगतान कर पाएंगे, जिससे पारदर्शिता व सुगमता सुनिश्चित होगी।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर में यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ताकि खरीफ व रबी सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने समय से पहले ही आवश्यक मात्रा में खाद का भंडारण कर लिया है और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक इसकी आसान उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली की शुरुआत से न केवल किसानों का समय बचेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया मिशन की दिशा में भी एक बड़ा योगदान है। इससे किसानों को न केवल पारदर्शी लेन-देन की सुविधा मिलेगी बल्कि उन्हें आर्थिक लेन-देन का डिजिटल रिकॉर्ड भी प्राप्त होगा, जो भविष्य में बैंकिंग सुविधाओं और ऋण प्राप्ति में मददगार सिद्ध होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान सहकारिता मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीकों से लैस करने के लिए लगातार प्रयासरत है। एम-पैक्स के डिजिटलीकरण के तहत सभी समितियों को जल्द ही ऑनलाइन प्लेटफार्म से जोड़ दिया जाएगा, जिससे किसानों को हर सेवा का लाभ समय पर और बिना किसी मध्यस्थ के प्राप्त होगा।
इस अवसर पर उन्होंने सहकारी समितियों से जुड़े अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी किसान खाद या अन्य कृषि सामग्री के लिए परेशान न हो।
कुल मिलाकर सहकारिता मंत्री श्री जे०पी०एस० राठौर की यह पहल प्रदेश में किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण, पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। क्यूआर कोड भुगतान प्रणाली और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में भी यह कदम सार्थक साबित होगा।



