एलडीए में किसानों संग बैठक: विधायक भी शामिल, सर्किल रेट भेदभाव पर आपत्ति दर्ज

लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में हाल ही में हुई बैठक ने किसानों की समस्याओं और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया। इस बैठक में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, वहीं स्थानीय विधायक भी किसानों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए मौजूद रहे। बैठक का मुख्य मुद्दा सर्किल रेट में हो रहा भेदभाव था, जिस पर किसानों ने गहरी आपत्ति जताई। किसानों का कहना है कि एक ही क्षेत्र में स्थित ज़मीनों के लिए अलग-अलग सर्किल रेट तय किए गए हैं, जिससे उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।
किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों और प्राधिकरण की योजनाओं के लिए ज़मीन अधिग्रहण के दौरान उन्हें बराबरी का हक मिलना चाहिए। लेकिन मौजूदा स्थिति में उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, विधायक ने भी किसानों की चिंताओं को सही ठहराते हुए अधिकारियों से सवाल किया कि आखिर क्यों एक ही गांव या इलाके की जमीनों का सर्किल रेट अलग-अलग निर्धारित किया गया है। इस भेदभावपूर्ण नीति से किसानों में गहरी नाराज़गी है और वे इसे अन्यायपूर्ण मानते हैं।
बैठक में किसानों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जब जमीन विकास परियोजनाओं के लिए ली जाती है, तो उसके बदले दिया जाने वाला मुआवजा सभी को समान रूप से मिलना चाहिए। अलग-अलग रेट तय करना न केवल किसानों के हितों के खिलाफ है बल्कि इससे ग्रामीण समाज में असमानता और विवाद भी बढ़ सकता है। इस पर अफसरों ने आश्वासन दिया कि किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाएगा और संबंधित विभाग को रिपोर्ट भेजकर समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
विधायक ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि सरकार की मंशा किसानों के हितों की रक्षा करना है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे नीतियों को पारदर्शी और न्यायपूर्ण ढंग से लागू करें। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज़ विधानसभा और सरकार तक पहुंचाई जाएगी ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
इस बैठक ने साफ कर दिया कि किसान अब चुप बैठने वाले नहीं हैं और अपने अधिकारों को पाने के लिए संगठित होकर आवाज़ उठा रहे हैं। सर्किल रेट में भेदभाव का यह मुद्दा केवल जमीन का मुआवजा ही नहीं बल्कि किसानों के सम्मान और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। अगर समय रहते प्रशासन ने इस मामले का समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में यह बड़ा आंदोलन भी बन सकता है।



