कार के लिए नए टायर खरीदते समय जरूर चेक करें ये चार बातें, नहीं तो होगा बड़ा नुकसान

कार की सुरक्षा और परफॉर्मेंस काफी हद तक उसके टायरों पर निर्भर करती है। जब भी आप अपनी गाड़ी के लिए नए टायर खरीदने जाएं, तो कुछ अहम बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप इन चीजों को अनदेखा करते हैं, तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है।
सबसे पहली और जरूरी चीज है टायर का साइज। हर कार कंपनी ने अपनी गाड़ी के लिए निर्धारित टायर साइज दिया होता है, जिसे बदलना नहीं चाहिए। गलत साइज का टायर लगाने से गाड़ी की पकड़, ब्रेकिंग और माइलेज पर असर पड़ता है। इसलिए खरीदने से पहले टायर पर लिखे नंबरों को जरूर देखें और अपनी कार की मैनुअल गाइड से मिलान करें।
दूसरी बात है टायर की मैन्युफैक्चरिंग डेट। कई बार दुकानदार पुराने स्टॉक के टायर भी बेच देते हैं, जबकि बाहर से देखने पर वे नए लगते हैं। टायर की साइडवाल पर मैन्युफैक्चरिंग हफ्ता और साल लिखा होता है। हमेशा 6 महीने से ज्यादा पुराने टायर खरीदने से बचें, क्योंकि लंबे समय तक स्टोर होने से उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
तीसरी अहम चीज है ट्रेड पैटर्न और क्वालिटी। अगर आप हाईवे पर ज्यादा ड्राइव करते हैं तो डीप ट्रेड वाले टायर लें, ताकि ग्रिप और ब्रेकिंग बेहतर रहे। वहीं, शहर में रोजाना इस्तेमाल के लिए नॉर्मल ट्रेड पैटर्न काफी होता है। इसके अलावा, अच्छी कंपनी और ब्रांडेड टायर ही चुनें, ताकि लंबे समय तक टिकाऊपन और सुरक्षा दोनों बनी रहे।
चौथी और सबसे जरूरी बात है वारंटी और आफ्टर-सेल्स सर्विस। टायर खरीदते समय यह जरूर देखें कि कंपनी कितने साल की वारंटी दे रही है। कई कंपनियां रोड डैमेज वारंटी भी देती हैं, जो खराब रास्तों पर ड्राइव करने वालों के लिए फायदेमंद साबित होती है।
संक्षेप में, नए टायर खरीदते समय अगर आप साइज, मैन्युफैक्चरिंग डेट, ट्रेड पैटर्न और वारंटी जैसी बातों पर ध्यान देंगे, तो आपकी गाड़ी की परफॉर्मेंस और सुरक्षा दोनों बेहतर होंगी। इससे न सिर्फ ड्राइविंग का मज़ा बढ़ेगा बल्कि आपको बार-बार टायर बदलने का खर्च भी नहीं उठाना पड़ेगा।



