नवरात्र में शुरू होगा ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण | CM योगी का आदेश- एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय हों

उत्तर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर लगातार नई पहल करती रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि आगामी नवरात्र से ‘मिशन शक्ति’ अभियान का नया चरण शुरू किया जाएगा। इस चरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय रूप से मैदान में उतारा जाए और प्रत्येक थाना स्तर पर इसकी सख्त निगरानी हो।
‘मिशन शक्ति’ की शुरुआत योगी सरकार ने 2020 में की थी। इस अभियान के तहत न केवल महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया गया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं को भी जोड़ा गया। पिछले चरणों में यह अभियान ग्रामीण से लेकर शहरी इलाकों तक प्रभावी साबित हुआ है। अब नवरात्र जैसे पावन अवसर पर इसके नए चरण की शुरुआत महिलाओं को सामाजिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर सुरक्षा का और अधिक भरोसा दिलाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि नवरात्र के दौरान मंदिरों, दुर्गा पंडालों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए। एंटी रोमियो स्क्वॉड की टीमें लगातार गश्त करें ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़, अभद्रता या महिला विरोधी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। साथ ही, स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों के आसपास भी पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
‘मिशन शक्ति’ का नया चरण केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके तहत महिलाओं के बीच जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें उन्हें हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112 और महिला शक्ति केंद्र जैसी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, महिला हेल्प डेस्क और पिंक बूथ को और मजबूत करने का भी निर्णय लिया गया है।
इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी महिला या बालिका खुद को असुरक्षित महसूस न करे। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि महिला सुरक्षा उनकी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी स्तरों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
नवरात्र के अवसर पर शुरू हो रहा ‘मिशन शक्ति’ का यह नया चरण प्रदेश में महिला सशक्तिकरण का एक और मजबूत अध्याय जोड़ देगा। योगी सरकार का मानना है कि जब महिलाएं सुरक्षित होंगी, तभी समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।



