CM Yogi Janta Darbar: सीएम योगी के जनता दरबार में कैसे पहुंचे फरियादी, जानें रजिस्ट्रेशन कराने की पूरी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। इसी कड़ी में वे समय-समय पर जनता दरबार का आयोजन करते हैं। यह दरबार खासतौर पर उन फरियादियों के लिए होता है, जिन्हें अपनी समस्याओं का समाधान प्रशासनिक स्तर पर नहीं मिल पाता। जनता दरबार में फरियादी सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी समस्या रख सकते हैं और तत्काल समाधान की उम्मीद कर सकते हैं। लेकिन, बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सीएम योगी के जनता दरबार तक पहुंचने के लिए पंजीकरण कैसे कराया जाए और इसमें शामिल होने की प्रक्रिया क्या है।
जनता दरबार में पहुंचने के लिए सबसे पहले फरियादियों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर एक पोर्टल उपलब्ध है, जहां नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार संख्या और समस्या का विवरण देना जरूरी होता है। इसके साथ ही संबंधित विभाग का चुनाव भी करना पड़ता है ताकि शिकायत सही विभाग तक पहुंच सके। रजिस्ट्रेशन सफल होने के बाद नागरिक को एक पावती संख्या (Acknowledgement Number) मिलती है, जिसके जरिए वे अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
इसके अलावा, फरियादी चाहें तो अपने जिले के डीएम कार्यालय या जनपद स्तर पर बने शिकायत केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। वहां से आवेदन को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाता है। जब जनता दरबार आयोजित होता है, तो पंजीकृत नागरिकों को तारीख और समय की जानकारी दी जाती है, ताकि वे लखनऊ पहुंचकर अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रख सकें।
जनता दरबार की खासियत यह है कि यहां पर आने वाले अधिकांश मामलों को तुरंत संज्ञान में लिया जाता है और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए जाते हैं। इससे नागरिकों का विश्वास बढ़ता है और उन्हें लगता है कि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंच रही है। यह व्यवस्था भ्रष्टाचार और लापरवाही को भी रोकने में मददगार साबित हो रही है, क्योंकि अधिकारियों को मुख्यमंत्री के सामने जवाब देना पड़ता है।
सीएम योगी का जनता दरबार वास्तव में जनता की सरकार से जुड़ने की सशक्त पहल है। इससे एक ओर आम जनता को राहत मिलती है, तो दूसरी ओर प्रशासनिक प्रणाली भी पारदर्शी और जवाबदेह बनती है। यदि आप भी किसी समस्या से परेशान हैं और स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिल रहा है, तो आप ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से या जिला प्रशासन के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और सीधे मुख्यमंत्री के जनता दरबार में अपनी समस्या रख सकते हैं।



