
भावनगर (गुजरात) में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आत्मनिर्भर भारत का संकल्प दोहराने की प्रेरणा दी। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि “हमारा सबसे बड़ा दुश्मन दूसरे देशों पर निर्भरता है और आत्मनिर्भर भारत ही 100 दुखों की एक दवा है।” उनके इस बयान ने वहां मौजूद जनता के बीच जोश और उत्साह भर दिया। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगर भारत को आने वाले वर्षों में विश्वगुरु बनना है तो हमें हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को अपनाना होगा।
पीएम मोदी ने बताया कि आज विश्व की बड़ी शक्तियाँ भी भारत की ओर आशा से देख रही हैं। भारत के पास विशाल जनसंख्या, समृद्ध संसाधन, युवा शक्ति और प्राचीन ज्ञान का खजाना है। यदि इन सभी का सही उपयोग किया जाए तो भारत किसी भी क्षेत्र में दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि चाहे वह रक्षा क्षेत्र हो, तकनीक हो, ऊर्जा उत्पादन हो या फिर कृषि, हमें हर मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनना होगा।
उन्होंने भावनगर की जनता से विशेष आग्रह किया कि गुजरात ने हमेशा राष्ट्र के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है और अब समय आ गया है कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई ऊँचाई दी जाए। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत अपने उत्पादों को स्वयं बनाएगा और अपनी जरूरतों को खुद पूरा करेगा, तभी असली स्वतंत्रता और मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ आत्मकेंद्रित होना नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ है– अपनी क्षमता और सामर्थ्य का विकास करना, ताकि भारत न केवल अपनी जरूरतों को पूरा कर सके बल्कि दुनिया की भी मदद कर सके। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने रिकॉर्ड समय में टीके का निर्माण किया और पूरी दुनिया को आपूर्ति कर साबित किया कि आत्मनिर्भरता ही असली ताकत है।
पीएम मोदी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नवाचार और स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज सरकार युवाओं को हर संभव सहयोग दे रही है, ताकि भारत नई तकनीकों और आधुनिक उद्योगों में अग्रणी बन सके। इसके साथ ही उन्होंने किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादों का इस्तेमाल करें और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को जीवन में उतारें।
अंत में पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक नारा नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी के भारत की जीवनशैली और भविष्य की दिशा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह से जनता का समर्थन और ऊर्जा मिल रही है, आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्रों की सूची में सबसे ऊपर खड़ा होगा।



