CM योगी से मिले घोष संस्था के पदाधिकारी | 50वीं वर्षगांठ पर भेंट की विशेष पुस्तक

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घोष संस्था के पदाधिकारियों ने मुलाकात की और संस्था की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्हें एक विशेष पुस्तक भेंट की। यह पुस्तक संस्था की उपलब्धियों, समाजसेवा के कार्यों और सांस्कृतिक योगदान का प्रतीक है। संस्था के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले पाँच दशकों में घोष संस्था ने शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सांस्कृतिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस अवसर पर सीएम योगी ने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले संगठनों की भूमिका हमेशा प्रेरणादायी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई संस्था 50 वर्ष पूरे करती है तो यह केवल समय की लंबाई नहीं, बल्कि उसकी सेवाओं की गुणवत्ता का भी प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि घोष संस्था आने वाले समय में भी समाज के कमजोर वर्गों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के उत्थान के लिए इसी तरह कार्य करती रहेगी। सीएम योगी ने कहा कि सरकार ऐसे प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहन देती है और समाजिक संस्थाओं की भागीदारी से ही “विकसित उत्तर प्रदेश” का सपना साकार होगा।
घोष संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी दी कि संस्था ने अपने शुरुआती दिनों से ही बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, पर्यावरण जागरूकता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में नई चेतना जगाई गई है। संस्था के प्रयासों से हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिला है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संस्था की पुस्तक को स्मरणीय भेंट बताते हुए इसे समाज की प्रेरणा का दर्पण कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे दस्तावेज आने वाली पीढ़ियों को न केवल प्रेरणा देते हैं बल्कि इतिहास को जीवंत रखने का कार्य भी करते हैं। मुलाकात के दौरान एक आत्मीय वातावरण देखने को मिला और संस्था के प्रतिनिधियों ने यह भरोसा दिलाया कि वे सरकार के विजन के साथ मिलकर “समृद्ध उत्तर प्रदेश” बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।



