‘I Love Muhammad’ विवाद पर सीएम योगी का बड़ा बयान | उपद्रवियों को दी कड़ी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उभरे “I Love Muhammad” विवाद पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। राजधानी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की अराजकता, भड़काऊ गतिविधि या साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीएम योगी ने दो टूक कहा कि “एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए” और प्रदेश सरकार की यह नीति है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में शांति और सौहार्द कायम रखना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए। योगी आदित्यनाथ ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए कर रहे हैं, उनके खिलाफ बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।
“I Love Muhammad” विवाद के बाद प्रदेश के कई जिलों में हल्की-फुल्की तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने समय रहते हालात को काबू में कर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल और कुछ असामाजिक तत्व ऐसे मुद्दों को हवा देकर प्रदेश की शांति बिगाड़ना चाहते हैं, लेकिन योगी सरकार हर कीमत पर इसे विफल करेगी।
योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों वाला प्रदेश नहीं रहा। पहले जहां छोटी-सी घटना पर भी बड़े दंगे भड़क जाते थे, वहीं आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार का स्पष्ट संदेश है— “दंगा करने वाले जेल जाएंगे, निर्दोष को डरने की जरूरत नहीं।”
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से भी अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और अगर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट और अफवाहें फैलाना भी एक अपराध है, और ऐसे लोगों को भी छोड़ा नहीं जाएगा।
योगी ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना सभी का कर्तव्य है, लेकिन इसके नाम पर किसी को अशांति फैलाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि “भक्ति का स्वरूप सकारात्मक होना चाहिए, न कि समाज को बांटने वाला। सरकार सबके धार्मिक अधिकारों का सम्मान करती है, लेकिन शांति भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून सख्ती से अपना काम करेगा।”
इस पूरे विवाद पर मुख्यमंत्री का बयान साफ करता है कि योगी सरकार “शून्य सहिष्णुता की नीति” पर कायम है और प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उनका यह सख्त रुख विपक्ष और आलोचकों के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि उत्तर प्रदेश में केवल कानून का राज चलेगा, किसी भी प्रकार का अराजक खेल नहीं।



