गोरखपुर विजयदशमी: मुख्यमंत्री योगी ने प्रभु श्रीराम का विजय तिलक कर दिया समाज को एकता का संदेश

गोरखपुर में विजयदशमी का पर्व इस बार विशेष रूप से ऐतिहासिक और भव्य रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विजयदशमी के शुभ अवसर पर प्रभु श्रीराम का विजय तिलक कर समाज को एकजुट और मजबूत बने रहने का संदेश दिया। गोरखनाथ मंदिर प्रांगण और आसपास के क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, नागरिक और रामभक्त एकत्र हुए। इस मौके पर पूरा वातावरण “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के नारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री योगी ने रामलीला मंचन के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का पूजन कर उनके मस्तक पर विजय तिलक लगाया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विजयदशमी असत्य पर सत्य की, अधर्म पर धर्म की और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार प्रभु श्रीराम ने समाज को आदर्श जीवन का मार्ग दिखाया, उसी प्रकार आज हर नागरिक को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और परोपकार की भावना के साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना चाहिए। योगी ने जनता से आह्वान किया कि समाज में किसी भी प्रकार की नकारात्मकता या वैमनस्य न फैलाएं, बल्कि सब मिलकर भारत को एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र बनाने में अपना सहयोग दें।
गोरखपुर की रामलीला का देशभर में विशेष महत्व है। यहां की रामलीला परंपरा सदियों पुरानी मानी जाती है और इसमें विजयदशमी के दिन मुख्यमंत्री योगी स्वयं भाग लेकर इसकी ऐतिहासिकता को और भी सशक्त करते हैं। इस बार भी गोरखपुर की रामलीला में रावण दहन का आयोजन धूमधाम से किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। रावण दहन के साथ ही पूरे शहर में दीपों और पटाखों से उत्सव का माहौल बन गया।
कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने लोगों को यह भी याद दिलाया कि भारत की संस्कृति और परंपराएं केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये समाज को एकता, भाईचारे और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब हमें प्रभु श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सामूहिक रूप से आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं को विशेष रूप से संदेश दिया कि वे तकनीक और शिक्षा के साथ-साथ अपनी परंपराओं और मूल्यों से भी जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि जब समाज और राष्ट्र एकजुट होकर कार्य करता है, तभी विजय सुनिश्चित होती है।
गोरखपुर की यह विजयदशमी न केवल धार्मिक उत्सव का प्रतीक बनी, बल्कि समाज को सामूहिक शक्ति और एकता का संदेश देने का भी माध्यम रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रभु श्रीराम का विजय तिलक करने की यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक प्रेरणा बनी रहेगी।



