
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 7 अक्टूबर 2025 को अपना 73वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन कर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने पुतिन को उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती दशकों पुरानी है और आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। यह बातचीत न सिर्फ औपचारिक शुभकामनाओं तक सीमित रही बल्कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई बातचीत सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक रही। दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत-रूस साझेदारी के बढ़ते आयामों पर संतोष जताया। विशेष रूप से रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और व्यापार के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि रूस भारत का विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार है और दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए अहम है।
व्लादिमीर पुतिन ने भी प्रधानमंत्री मोदी के शुभकामनाओं के लिए आभार जताया और कहा कि भारत-रूस के बीच विश्वास और सहयोग की परंपरा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक विशेष स्थान बनाया है। पुतिन ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना की और कहा कि रूस भारत के साथ तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने को तैयार है।
बातचीत के दौरान यूक्रेन संकट, वैश्विक ऊर्जा स्थिरता, और बहुपक्षीय मंचों जैसे BRICS तथा SCO में सहयोग पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी ने शांति, संवाद और कूटनीति के मार्ग पर जोर देते हुए कहा कि भारत हमेशा वैश्विक शांति के पक्ष में खड़ा रहेगा। वहीं पुतिन ने भारत की ‘वैश्विक संतुलनकारी भूमिका’ की प्रशंसा की।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि आने वाले महीनों में उच्च स्तरीय बैठकों और द्विपक्षीय दौरे के माध्यम से रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह बातचीत भारत और रूस के बीच गहराते संबंधों का एक और प्रतीक है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया में राजनीतिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट जैसे मुद्दे बढ़ रहे हैं।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की यह बातचीत एक बार फिर साबित करती है कि भारत और रूस के रिश्ते समय और परिस्थितियों से परे हैं। यह रिश्ता सिर्फ राजनीतिक या आर्थिक नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और सहयोग पर आधारित है। दोनों देशों की यह दोस्ती एशिया और विश्व के लिए स्थिरता और विकास का मजबूत आधार बन चुकी है।
इस प्रकार, पुतिन के 73वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाएं और फोन वार्ता ने एक बार फिर भारत-रूस संबंधों की गर्मजोशी और मजबूती को उजागर किया है।



