
9 अक्टूबर 2025 को भूटान में सुबह 4:29 बजे 3.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई केवल 5 किलोमीटर थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, यह झटका भूटान के विभिन्न क्षेत्रों में महसूस किया गया। भूकंप की ऊपरी सतह के पास होने के कारण इसके झटके तीव्र थे, जिससे स्थानीय निवासियों में घबराहट फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए।
भूटान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह हिमालयी क्षेत्र में स्थित है और दुनिया के सबसे भूकंप आने वाले इलाकों में शामिल है। भूटान में केवल भूकंप ही नहीं, बल्कि अन्य प्राकृतिक आपदाएं भी अक्सर नुकसान पहुंचाती हैं। यहां ग्लेशियर झील का फटना, भूस्खलन, तेज हवाएं, फ्लैश फ्लड और जंगल की आग जैसी घटनाएं होती रहती हैं।
भूटान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संभावित आफ्टरशॉक्स के मद्देनजर बचाव कार्य तेज किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ भी यह सुझाव दे रहे हैं कि भूकंप-प्रतिरोधी निर्माण तकनीकों को अपनाया जाए और सभी नागरिक सुरक्षित स्थानों पर रहें।
भूटान में भूकंप की घटनाएं न केवल स्थानीय निवासियों के लिए चिंता का विषय हैं, बल्कि भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, भूटान में होने वाली भूकंपीय गतिविधियों पर लगातार नजर रखना आवश्यक है।



