‘विकास नहीं बुर्का चाहिए’ : बिहार चुनावी रैली में CM योगी का बड़ा बयान, विपक्ष पर जमकर बरसे

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के गर्म होते माहौल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अपने तीखे बयान से सियासी हलचल मचा दी है। पूर्णिया में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा— “इन लोगों को विकास नहीं, बुर्का चाहिए।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। योगी ने अपने भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार ने गरीबों को मुफ्त राशन, मकान, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं दीं, लेकिन विपक्ष इन योजनाओं पर चर्चा करने के बजाय तुष्टिकरण की राजनीति में व्यस्त है।
सीएम योगी ने कहा कि बिहार की जनता अब समझ चुकी है कि केवल नारे लगाने से नहीं, बल्कि जमीन पर काम करने से विकास होता है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनके शासनकाल में कानून-व्यवस्था की हालत बदतर थी, वहीं एनडीए सरकार ने सुशासन और सुरक्षा का माहौल बनाया। योगी ने जनता से अपील की कि वे जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों के झांसे में न आएं और विकास के मुद्दे पर वोट करें।
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि विपक्षी दल “विकास की बात” से डरते हैं क्योंकि वे जनता को बांटकर वोट हासिल करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह दावा किया कि भाजपा और एनडीए सरकार ही ऐसी है जो सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान “विकास नहीं बुर्का चाहिए” पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजद और कांग्रेस नेताओं ने इसे महिलाओं के प्रति असम्मानजनक बताते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ चुनाव को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि योगी ने विपक्ष की सच्चाई उजागर की है, जो विकास नहीं बल्कि वोट बैंक की राजनीति में यकीन रखते हैं।
बिहार में चुनावी माहौल इस बयान के बाद और अधिक गर्म हो गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस बयान को किस रूप में लेती है—विकास की पुकार के रूप में या एक नए सियासी विवाद के रूप में।



