
देश में उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है। पिछले आठ महीनों में ई-कॉमर्स कंपनियों से उपभोक्ताओं को कुल 45 करोड़ रुपये रिफंड किए गए हैं। यह अब तक की सबसे बड़ी राशि है जो ऑनलाइन खरीदारी के दौरान उपभोक्ताओं को वापस लौटाई गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आंकड़ा दर्शाता है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर कंपनियों की जवाबदेही बढ़ रही है और डिजिटल शॉपिंग के दौरान उपभोक्ताओं का संरक्षण बेहतर हो रहा है।
रिफंड की यह बड़ी राशि उपभोक्ता संरक्षण कानूनों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही में सुधार का परिणाम है। अधिकारियों ने बताया कि इन आठ महीनों में शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया तेज हुई और समय पर रिफंड सुनिश्चित किया गया। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा प्रदान की गई सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि भविष्य में यह रुझान जारी रहेगा और डिजिटल शॉपिंग को और सुरक्षित बनाने में मदद करेगा। इस उपलब्धि ने उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।



