Khichdi Mela 2026: गोरखनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, झूले–खरीदारी बने आकर्षण

Khichdi Mela 2026 के अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में आस्था, संस्कृति और उत्सव का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लगने वाला यह ऐतिहासिक खिचड़ी मेला हर वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। इस बार भी मेले में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जहां सुबह से ही दूर-दराज़ के जिलों और अन्य राज्यों से आए श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ के दर्शन और खिचड़ी चढ़ाने पहुंचे। मंदिर परिसर “जय गोरक्षनाथ” के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोकसंस्कृति की झलक भी देखने को मिली। रंग-बिरंगे झूले, बच्चों के लिए खिलौने, स्वादिष्ट व्यंजनों की दुकानें और हस्तशिल्प के स्टॉल लोगों को खूब लुभाते नजर आए। खासकर बच्चों और युवाओं में झूलों को लेकर खास उत्साह देखा गया। चरखी, नाव झूला और ड्रैगन राइड जैसे मनोरंजन साधनों पर लंबी कतारें लगी रहीं। वहीं महिलाओं ने घरेलू सामान, चूड़ियां, कपड़े और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी का भरपूर आनंद लिया।
खानपान के शौकीनों के लिए मेले में देसी स्वाद की भरमार रही। खिचड़ी, तिल के लड्डू, जलेबी, चाट और पारंपरिक मिठाइयों की खुशबू पूरे मेले को महका रही थी। ग्रामीण अंचलों से आए कारीगरों और दुकानदारों ने अपने उत्पादों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और हस्तकला को जीवंत किया। यह मेला न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देता है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल, स्वयंसेवक और स्वास्थ्य सेवाएं मुस्तैद रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वच्छता, यातायात और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया गया। कुल मिलाकर, गोरखनाथ खिचड़ी मेला 2026 आस्था, आनंद और परंपरा का भव्य उत्सव बनकर सामने आया, जिसने लोगों के मन में उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गौरव की अमिट छाप छोड़ी।



