
भारत और कनाडा के रिश्तों में एक बार फिर सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली, जब कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने अपने कार्यकाल का पहला आधिकारिक भारत दौरा किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि दोनों देशों के संबंध साझा मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और बहुसांस्कृतिक समाज की मजबूत नींव पर टिके हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत और कनाडा के बीच आर्थिक, शैक्षिक, तकनीकी और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, सप्लाई चेन सुरक्षा और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।
मार्क कार्नी ने भी भारत को विश्व की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बताते हुए निवेश और व्यापार के नए अवसरों पर जोर दिया। चर्चा के दौरान स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल इनोवेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कनाडाई कंपनियों के लिए अपार संभावनाएं हैं, वहीं भारतीय छात्र और प्रवासी समुदाय कनाडा की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में आई हालिया चुनौतियों के बाद विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल राजनीतिक संवाद को मजबूत करेगा, बल्कि व्यापार और निवेश के मोर्चे पर भी सकारात्मक परिणाम देगा। पीएम मोदी ने कहा कि आपसी सम्मान और संवाद ही किसी भी रिश्ते को आगे बढ़ाने की कुंजी है। मार्क कार्नी के इस पहले भारत दौरे ने साफ संकेत दिया है कि दोनों देश भविष्य की साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



