अयोध्या की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान, CM योगी बोले- कन्हैया की कृपा से होगी नई पहचान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में श्रीकृष्ण जन्मस्थान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कन्हैया की कृपा बनी रही तो यह स्थान अयोध्या की तरह एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री ने मंदिर नगर के विकास, भक्तों की सुविधाओं और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की महत्वाकांक्षा को साझा किया। उन्होंने बताया कि सरकार इस ऐतिहासिक स्थल को संरक्षित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिससे यह न केवल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण बन सके, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकें। योगी जी ने कहा कि जैसे अयोध्या ने राम जन्मभूमि के पुनर्निर्माण और पर्यटन से एक नई पहचान बनाई, उसी तरह श्रीकृष्ण जन्मस्थान को भी आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक महत्व के साथ विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर के चारों ओर अवसंरचना, सफाई, सुरक्षा और परिवहन की बेहतर व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस दिशा में सभी हितधारकों, धार्मिक विद्वानों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है। इसके अलावा, उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े सांस्कृतिक आयोजनों, भजन और कृतियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया, ताकि युवाओं और श्रद्धालुओं में जागरूकता बढ़े। योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को भी संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि कन्हैया की कृपा से यह स्थल न केवल आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा और सांस्कृतिक अनुभव का माध्यम भी होगा। मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं, और यह स्पष्ट संकेत है कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रीकृष्ण जन्मस्थान को भी अयोध्या की तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।



