


भारतीय सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब उसे यह तय करना होगा कि वह “भूगोल का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का।” इस बयान को सीमा सुरक्षा और मौजूदा रणनीतिक स्थिति के संदर्भ में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सेना प्रमुख के इस बयान ने रक्षा और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
उन्होंने कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। इस बयान को पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता और आतंकवाद के मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संदेश रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण है।