बर्थडे पर केक काटना और मोमबत्ती बुझाना सही या गलत? जानिए ज्योतिष शास्त्र की राय

आज के समय में जन्मदिन मनाने का सबसे लोकप्रिय तरीका केक काटना और मोमबत्तियां बुझाना माना जाता है। हालांकि ज्योतिष शास्त्र और भारतीय पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस विषय पर अलग दृष्टिकोण देखने को मिलता है। कुछ ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि दीपक या ज्योति सकारात्मक ऊर्जा, ज्ञान, आयु और समृद्धि का प्रतीक होती है। ऐसे में जन्मदिन जैसे शुभ अवसर पर जलती हुई लौ को बुझाना शुभ नहीं माना जाता।
सनातन परंपरा में जन्मदिन के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित करने, ईश्वर की आराधना करने, दान-पुण्य करने और बड़ों का आशीर्वाद लेने की परंपरा रही है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और सौभाग्य का संचार होता है। इसी कारण कुछ विद्वान जन्मदिन पर मोमबत्ती बुझाने के बजाय दीपक जलाने और प्रार्थना करने की सलाह देते हैं।
हालांकि यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि केक काटना और मोमबत्ती बुझाना मुख्य रूप से एक सामाजिक और आधुनिक सांस्कृतिक परंपरा है। ज्योतिष शास्त्र में इसे लेकर कोई सर्वमान्य या बाध्यकारी निषेध नहीं मिलता। कई लोग इसे केवल खुशी और उत्सव का हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य लोग पारंपरिक तरीकों को प्राथमिकता देते हैं।
अंततः यह व्यक्ति की आस्था, पारिवारिक परंपरा और व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है कि वह अपना जन्मदिन किस प्रकार मनाना चाहता है। यदि कोई व्यक्ति ज्योतिषीय और पारंपरिक मान्यताओं का पालन करना चाहता है, तो वह केक काटने के साथ-साथ दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा-अर्चना, दान और बड़ों का आशीर्वाद लेने जैसी शुभ गतिविधियों को भी शामिल कर सकता है।



