El Nino पर UN चीफ की चेतावनी, तापमान बढ़ने के टूट सकते हैं सभी रिकॉर्ड

El Niño की सक्रियता को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने चेतावनी दी है कि यदि अल नीनो का प्रभाव तेज होता है, तो दुनिया को रिकॉर्ड स्तर की गर्मी, भीषण हीटवेव, सूखा और अन्य चरम मौसम घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने इसे जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के साथ मिलकर और अधिक गंभीर चुनौती बताया।
United Nations के अनुसार, अल नीनो प्रशांत महासागर के सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसका असर दुनिया के कई हिस्सों के मौसम पर पड़ता है। इसके कारण कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होती है, जबकि कई इलाकों में सूखा और भीषण गर्मी देखने को मिल सकती है।
जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो और मानव-जनित जलवायु परिवर्तन का संयुक्त प्रभाव वैश्विक तापमान को नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा सकता है। इससे कृषि उत्पादन, जल संसाधन, सार्वजनिक स्वास्थ्य और ऊर्जा मांग पर भी व्यापक असर पड़ने की आशंका है। कई देशों में पहले से ही बढ़ते तापमान और अनियमित मौसम को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत समेत दक्षिण एशिया के देशों में भी अल नीनो का प्रभाव मानसून और तापमान के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इसके वास्तविक असर की तीव्रता समय, क्षेत्र और अन्य मौसमीय कारकों पर निर्भर करेगी। मौसम एजेंसियां लगातार परिस्थितियों की निगरानी कर रही हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि चरम मौसम की बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि जलवायु अनुकूलन और उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों को और तेज करने की जरूरत है। संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी को इसी व्यापक वैश्विक चुनौती के संदर्भ में देखा जा रहा है, जहां बदलती जलवायु और प्राकृतिक मौसमीय घटनाएं मिलकर दुनिया के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं।



