
भारत और नेपाल के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में एक नई कूटनीतिक पहल देखने को मिली है। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की हालिया बैठक में सीमा विवाद, द्विपक्षीय सहयोग और क्षेत्रीय हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और नेपाल के संबंध केवल भौगोलिक निकटता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति, सामाजिक संबंधों और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। इसी भावना के साथ विवादित मुद्दों को शांतिपूर्ण संवाद के माध्यम से सुलझाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
भारत की ओर से S. Jaishankar और नेपाल की ओर से Arzu Rana Deuba सहित दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीमा से जुड़े लंबित मामलों को स्थापित द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच नियमित संवाद, राजनीतिक इच्छाशक्ति और आपसी विश्वास सीमा विवाद के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
भारत और नेपाल के रिश्ते दक्षिण एशिया की कूटनीति में विशेष महत्व रखते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता संवाद न केवल सीमा विवाद के समाधान में सहायक हो सकता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास को भी नई दिशा दे सकता है।



