‘पेट्रोल की छुट्टी तय!’ नितिन गडकरी के बयान से ऑटो सेक्टर में हलचल, Flex Fuel पर भी कही बड़ी बात

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने हाल ही में वैकल्पिक ईंधनों और Flex Fuel तकनीक को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भारत को पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करके इथेनॉल, बायोफ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ना चाहिए।
गडकरी लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि देश के परिवहन क्षेत्र में आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता कम करना आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से आवश्यक है। उनका मानना है कि Flex Fuel तकनीक वाले वाहन, जो पेट्रोल और इथेनॉल के विभिन्न मिश्रणों पर चल सकते हैं, भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
क्या है Flex Fuel?
Flex Fuel वाहन ऐसे इंजन से लैस होते हैं जो पेट्रोल के साथ उच्च प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण (जैसे E85) पर भी काम कर सकते हैं। इससे पेट्रोल की खपत कम करने और घरेलू स्तर पर उत्पादित जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
गडकरी का कहना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है, क्योंकि इसका उत्पादन गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से किया जाता है। इससे कृषि और ऊर्जा क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल का उपयोग पूरी तरह समाप्त होने में अभी समय लगेगा। इसके लिए वाहन अवसंरचना, ईंधन आपूर्ति नेटवर्क, तकनीकी अनुकूलन और उपभोक्ता स्वीकृति जैसे कई पहलुओं पर काम करना आवश्यक होगा।
भारत सरकार पहले से ही E20 (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को बढ़ावा दे रही है और आने वाले वर्षों में वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को और विस्तार देने की दिशा में प्रयास जारी हैं। गडकरी के ताजा बयान को इसी व्यापक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।



