नई ITI नीति से युवाओं को बड़ा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में प्रवेश को अधिक छात्र-केंद्रित और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से नई प्रवेश नीति लागू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को अपनी रुचि और करियर लक्ष्यों के अनुरूप पसंदीदा ट्रेड चुनने का बेहतर अवसर मिलेगा।
नई नीति के अनुसार जिले के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने के लिए संबंधित जिले की ITI में 75 प्रतिशत सीटें स्थानीय छात्रों के लिए आरक्षित की जाएंगी। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी तथा उन्हें अपने क्षेत्र में ही कौशल विकास के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों को अपनी पसंद के ट्रेड में प्रवेश मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होगा, जो उद्योगों और रोजगार बाजार की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा।
आईटीआई संस्थानों में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, मैकेनिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्राफ्ट्समैन और अन्य तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाता है। नई नीति से इन ट्रेडों में प्रवेश प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों के अनुसार कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसी नीतियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य में कौशल विकास को नई दिशा देने और युवाओं को स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।



