
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ केवल स्थायी निवासियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पात्र प्रवासी मजदूरों को भी योजना के दायरे में शामिल किया जा सकता है। सरकार का कहना है कि योजना का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और आवासहीन परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यदि कोई प्रवासी मजदूर योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करता है, तो वह भी लाभार्थी के रूप में आवेदन कर सकता है। इसके लिए संबंधित दस्तावेज, आय संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक मानकों का पालन करना होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण या खरीद के लिए सहायता उपलब्ध कराती है। इस योजना का लक्ष्य देश के हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रवासी मजदूरों को योजना में शामिल करने से बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिल सकती है, जो रोजगार की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं और स्थायी आवास की समस्या का सामना करते हैं।
सरकार ने यह भी दोहराया है कि योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर दिया जाता है। इसलिए इच्छुक लाभार्थियों को आवेदन से पहले अपने दस्तावेज और पात्रता की जानकारी सुनिश्चित कर लेनी चाहिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना देश की प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल है और इसके माध्यम से लाखों परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रवासी मजदूरों को लेकर दिया गया यह स्पष्टीकरण योजना की पहुंच को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



