डिप्रेशन में चली गई थी भारत की स्टार खिलाड़ी, क्रिकेट छोड़ने का बना लिया था मन; फिर ऐसे की दमदार वापसी

खेल की दुनिया में सफलता जितनी चमकदार दिखाई देती है, उसके पीछे उतने ही कठिन संघर्ष भी छिपे होते हैं। भारतीय महिला क्रिकेट की इस खिलाड़ी ने भी अपने करियर में एक ऐसा दौर देखा, जब मानसिक तनाव और डिप्रेशन ने उन्हें पूरी तरह से तोड़कर रख दिया था। लगातार दबाव, प्रदर्शन की चिंता और निजी चुनौतियों के बीच उन्होंने क्रिकेट से दूरी बनाने और खेल को हमेशा के लिए छोड़ने तक का मन बना लिया था। उस समय उन्हें लगने लगा था कि शायद अब मैदान पर वापसी संभव नहीं होगी।
हालांकि, कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार, दोस्तों और टीम के सहयोग के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए उन्होंने खुद को फिर से संभाला। धीरे-धीरे आत्मविश्वास लौटने लगा और उन्होंने दोबारा क्रिकेट पर फोकस करना शुरू किया। कड़ी मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर उन्होंने न सिर्फ टीम में वापसी की, बल्कि शानदार प्रदर्शन कर आलोचकों को भी जवाब दिया।
आज उनकी कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करती है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियां किसी के साथ भी हो सकती हैं, लेकिन सही सहयोग, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ उनसे बाहर निकलना संभव है। मैदान पर उनकी दमदार वापसी इस बात का प्रमाण है कि मुश्किल दौर हमेशा के लिए नहीं रहता और संघर्ष के बाद सफलता जरूर मिलती है।



