
दिग्गज अभिनेता Anupam Kher ने समाज में बढ़ती वैचारिक और सामाजिक विभाजन की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में धर्म, नस्ल और पहचान के आधार पर नफरत बढ़ती दिखाई दे रही है, जो समाज और मानवता के लिए चुनौती बनती जा रही है। ऐसे समय में लोगों को अपनी मूल पहचान और मानवीय मूल्यों को समझने की आवश्यकता है।
अनुपम खेर ने सिविक सेंस यानी नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक व्यवहार के महत्व पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि किसी भी देश की प्रगति केवल आर्थिक विकास से नहीं, बल्कि नागरिकों के अनुशासन, जिम्मेदारी और एक-दूसरे के प्रति सम्मानजनक व्यवहार से भी तय होती है। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता, नियमों के पालन और सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देने की अपील की।
अभिनेता का मानना है कि भारतीयों की असली पहचान उनकी विविधता, सहिष्णुता और आपसी सम्मान की संस्कृति में निहित है। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाली सोच से ऊपर उठकर लोगों को सकारात्मकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए। अनुपम खेर का यह संदेश सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और कई लोग इसे वर्तमान समय के लिए प्रासंगिक बता रहे हैं।



