
9वीं कक्षा की नई एनसीईआरटी पुस्तक से भारतीय संविधान की प्रस्तावना हटाए जाने के विपक्ष के आरोपों के बीच एनसीईआरटी ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। संस्था ने कहा कि प्रस्तावना को हटाने का दावा सही नहीं है और इसे नए पाठ्यक्रम एवं पुस्तक की संरचना के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है।
एनसीईआरटी के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और नए पाठ्यक्रम ढांचे के अनुरूप पुस्तकों का पुनर्गठन किया गया है। इसी प्रक्रिया के तहत विषय-वस्तु को अलग प्रारूप में व्यवस्थित किया गया है। संस्था का कहना है कि संविधान और उसके मूल्यों से संबंधित सामग्री छात्रों को पहले की तरह पढ़ाई जा रही है।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि नई पुस्तक से संविधान की प्रस्तावना को हटाया गया है और इसे लेकर सरकार तथा एनसीईआरटी से जवाब मांगा था। इन आरोपों के बाद एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावना को हटाया नहीं गया है, बल्कि पाठ्यपुस्तकों के पुनर्संरचना के तहत उसकी प्रस्तुति में बदलाव किया गया है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं। हालांकि, एनसीईआरटी का कहना है कि पाठ्यक्रम में किए गए सभी बदलाव निर्धारित शैक्षणिक प्रक्रिया और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं।



