
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स के दौरे के दौरान वहां के राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला का प्रतीक माने जाने वाले विशेष उपहार भेंट किए। इन उपहारों में पीतल से निर्मित कछुआ, महेश्वरी सिल्क सहित कई हस्तनिर्मित वस्तुएं शामिल रहीं। इन तोहफों के माध्यम से भारत की विविध कला, हस्तशिल्प और वस्त्र परंपरा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए उपहारों का चयन भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर किया गया। पीतल का कछुआ दीर्घायु, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध महेश्वरी सिल्क अपनी उत्कृष्ट बुनाई और आकर्षक डिजाइनों के लिए दुनिया भर में पहचान रखती है। इसके अलावा अन्य उपहार भी भारतीय कारीगरों की बेहतरीन शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।
कूटनीतिक मुलाकातों के दौरान ऐसे सांस्कृतिक उपहार केवल औपचारिकता नहीं होते, बल्कि वे देशों के बीच मित्रता, विश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से दिए गए इन उपहारों ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ और भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।



