
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘गति शक्ति मास्टर प्लान’ को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकार के विभिन्न विभागों के बीच मौजूद ब्यूरोक्रेटिक साइलो (अलग-अलग कार्यशैली और तालमेल की कमी) को खत्म किया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।
यह योजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पहल है, जिसका उद्देश्य सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है। इससे परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में समय और लागत दोनों की बचत होती है।
‘गति शक्ति’ का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अलग-अलग मंत्रालय और विभाग एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करें, जिससे दोहराव कम हो और निर्णय प्रक्रिया तेज हो सके। इससे देश में निवेश को बढ़ावा मिलने और रोजगार सृजन में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति दे सकती है और लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक बाधाओं को कम कर सकती है।



