
अमेरिका में जन्म आधारित नागरिकता (Birthright Citizenship) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद एक बार फिर यह मुद्दा चर्चा में आ गया है। लंबे समय से यह नियम लागू है कि अमेरिका की जमीन पर जन्म लेने वाले बच्चे को स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, भले ही उसके माता-पिता किसी अन्य देश के हों।
इस फैसले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इससे अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों और भारतीय प्रवासियों पर कोई सीधा असर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल मौजूदा व्यवस्था में बड़े बदलाव की संभावना सीमित है, लेकिन भविष्य में नीतिगत स्तर पर चर्चा तेज हो सकती है।
भारतीय समुदाय के लिए यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, प्रोफेशनल और H-1B वीजा धारक रहते हैं। उनके बच्चों की नागरिकता स्थिति हमेशा से Birthright Citizenship नियम पर निर्भर रही है।
कानूनी जानकारों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दायरा सीमित होता है, लेकिन यह इमिग्रेशन नीति पर राजनीतिक बहस को जरूर प्रभावित करता है। फिलहाल भारतीयों के लिए स्थिति पहले जैसी ही बनी रहने की संभावना है, लेकिन आने वाले समय में इस पर और स्पष्टता जरूरी होगी।



