यूरोप में गर्मी का कहर: फ्रांस में शव रखने की जगह कम पड़ी

यूरोप इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और कई देशों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति फ्रांस में सामने आई है, जहां लगातार बढ़ती मौतों के कारण कुछ इलाकों में शवगृहों (मॉर्चरी) की क्षमता पर दबाव बढ़ गया है और शवों को रखने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है। तेज गर्म हवाओं और लंबे समय तक बने रहने वाले उच्च तापमान ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए सबसे अधिक खतरा पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और गर्मी से बचाव के सभी उपाय अपनाने की अपील की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप में बार-बार आने वाली अत्यधिक गर्मी की लहरें केवल मौसमी घटना नहीं हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) का स्पष्ट संकेत हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण हीटवेव अधिक तीव्र, लंबी और घातक होती जा रही हैं। उनका मानना है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे संकट और गंभीर हो सकते हैं। इस बीच कई यूरोपीय देशों ने रेड अलर्ट जारी करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है और नागरिकों से सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।



