श्रीराम मंदिर का प्रबंधन कर्मचारियों को सौंपा जाए: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि मंदिर का संचालन और व्यवस्थाएं ऐसे कर्मचारियों के माध्यम से संचालित होनी चाहिए, जो पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उनके इस बयान के बाद मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां प्रशासनिक कार्य व्यवस्थित, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ संचालित हों। उन्होंने अयोध्या के श्रीराम मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन कर्मचारियों के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि कार्यों में निरंतरता, जवाबदेही और सुचारु संचालन सुनिश्चित हो सके। उनके अनुसार, धार्मिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखने के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियां और व्यवस्थित कार्यप्रणाली आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके संचालन से जुड़े हर निर्णय में पारदर्शिता और जनविश्वास सर्वोपरि होना चाहिए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के इस बयान के बाद मंदिर प्रबंधन को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस विषय पर संबंधित ट्रस्ट या प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आगे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।



