कोविड ड्यूटी में जान गंवाने वाले सभी सेवाकर्मी होंगे ‘कोरोना वॉरियर’

कोविड-19 महामारी के दौरान अपनी ड्यूटी निभाते हुए जान गंवाने वाले आवश्यक सेवाकर्मियों को लेकर हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि महामारी के कठिन दौर में जनता की सेवा करते हुए जान गंवाने वाले सभी आवश्यक सेवाकर्मियों को ‘कोरोना वॉरियर’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने माना कि ऐसे कर्मचारी असाधारण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे और उनके योगदान को समान रूप से सम्मान मिलना चाहिए। इस फैसले से प्रभावित परिवारों को सरकार की संबंधित योजनाओं और लाभों का रास्ता भी आसान हो सकता है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारी लगातार जोखिम उठाकर जनता की सेवा में लगे रहे। इनमें स्वास्थ्यकर्मियों के अलावा अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वे कर्मचारी भी शामिल थे, जिन्होंने महामारी के कठिन समय में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और कई मामलों में अपनी जान तक गंवा दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल किसी विशेष श्रेणी के कर्मचारियों तक ‘कोरोना वॉरियर’ की मान्यता सीमित रखना उचित नहीं है, बल्कि कोविड ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले सभी आवश्यक सेवाकर्मियों को समान रूप से इस श्रेणी में माना जाना चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि महामारी के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना सार्वजनिक हित में कार्य किया। ऐसे में उनके योगदान को उचित सम्मान और समान व्यवहार मिलना आवश्यक है। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर संबंधित सरकारी योजनाओं, मुआवजा और अन्य लाभों के पात्रता संबंधी मामलों पर भी पड़ सकता है। यह निर्णय उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने कोविड काल में अपने परिजनों को सेवा के दौरान खो दिया था। अब संबंधित विभागों को अदालत के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।



