
कैंसर को लेकर एक दावा चर्चा में है कि दुनिया के 92 प्रतिशत लोगों को जीवन में कभी न कभी कैंसर हो सकता है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) के उपलब्ध आंकड़े इस तरह का सीधा निष्कर्ष नहीं देते। कैंसर का खतरा उम्र, जीवनशैली, आनुवंशिक कारणों, पर्यावरण और अन्य स्वास्थ्य कारकों पर निर्भर करता है।
WHO के अनुसार, कैंसर दुनिया भर में मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। हर साल लाखों नए कैंसर मामलों की पहचान होती है और कई लोगों की मौत इस बीमारी के कारण होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को जीवन में कैंसर होना तय है।
कैंसर का जोखिम कई कारणों से प्रभावित होता है। बढ़ती उम्र के साथ कई प्रकार के कैंसर का खतरा बढ़ता है। इसके अलावा तंबाकू सेवन, शराब का अत्यधिक सेवन, मोटापा, असंतुलित आहार, संक्रमण और कुछ आनुवंशिक कारण भी कैंसर की संभावना को प्रभावित कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर से बचाव के लिए नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और शुरुआती लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। कई कैंसर का समय पर पता चलने पर इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है।
कैंसर के सामान्य चेतावनी संकेतों में लंबे समय तक रहने वाली गांठ, बिना कारण वजन कम होना, असामान्य रक्तस्राव, लंबे समय तक खांसी या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होते और सही जांच जरूरी होती है।
WHO लगातार कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग और इलाज की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर देता है। इसलिए किसी भी वायरल दावे को समझने के लिए उसके स्रोत और वैज्ञानिक संदर्भ की जांच करना जरूरी है।



