
देश में वृक्षारोपण के अलग-अलग स्तरों पर चल रहे प्रयासों को अब एक राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। कृषि मंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि पौधारोपण अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। इन समितियों की मदद से पौधों के चयन, रोपण, संरक्षण और निगरानी की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा।
वृक्षारोपण को केवल पौधे लगाने तक सीमित न रखते हुए उनके संरक्षण और लंबे समय तक जीवित रहने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय समुदायों, किसानों, स्वयंसेवी संगठनों और सरकारी संस्थाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि हरित क्षेत्र बढ़ाने के लक्ष्य को प्रभावी तरीके से हासिल किया जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े पैमाने पर पौधारोपण तभी सफल हो सकता है जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और निगरानी सुनिश्चित की जाए। गांव स्तर तक समितियां बनने से स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण का अभियान अधिक मजबूत हो सकेगा। यह पहल जलवायु परिवर्तन से निपटने, जैव विविधता बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



