
CBSE के OMS मार्किंग सिस्टम को लेकर उठे सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल से सहायता मांगी है ताकि तकनीकी और कानूनी पहलुओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
मामले में छात्रों के हित, मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता जैसे मुद्दे अहम हैं। सुप्रीम कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मार्किंग सिस्टम में किसी भी तरह की त्रुटि से छात्रों के भविष्य पर असर न पड़े।
OMS आधारित मूल्यांकन प्रणाली को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब अदालत की दखल के बाद इस व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की उम्मीद है। शिक्षा जगत और छात्र समुदाय की नजरें इस मामले की आगे की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।



