यूपी में नकली दवाओं के कारोबार का बड़ा खुलासा, जांच में 27 में से 23 दवा सैंपल फेल

उत्तर प्रदेश में नकली और मानक से कम गुणवत्ता वाली दवाओं के कथित कारोबार के खिलाफ की गई कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। छापेमारी के दौरान बरामद दवाओं के 27 सैंपलों में से 23 गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए। इसके बाद संबंधित मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दवा नियंत्रण विभाग की जांच में जिन सैंपलों को फेल पाया गया, उनमें गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं होने या अन्य तकनीकी कमियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम सहित लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई की मुख्य बातें:
- 💊 छापेमारी के दौरान दवाओं के नमूने एकत्र किए गए।
- 🧪 27 में से 23 सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए।
- ⚖️ संबंधित व्यक्तियों और संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
- 🔍 नकली और घटिया दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला की भी जांच जारी।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दवाएं केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें और दवा के पैकेज, बैच नंबर, एक्सपायरी डेट तथा बिल की जांच अवश्य करें। यदि किसी दवा की गुणवत्ता पर संदेह हो, तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें।
नोट: गुणवत्ता जांच में सैंपल फेल होना नियामकीय जांच का हिस्सा है। अंतिम कानूनी जिम्मेदारी संबंधित जांच, प्रयोगशाला रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।



